Strategy for UPSC mains

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यू०पी०एस०सी० सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन हर वर्ष किया जाता हैं , यह परीक्षा तीन चरणों में संपन होती है । परीक्षा का पहला पड़ाव प्रारम्भिक परीक्षा होती है जो महज स्क्रीनिंग टेस्ट होती है मतलब की इसका प्रभाव अंतिम चयन में नहीं होता परन्तु अंतिम चयन के रास्ते में यह सबसे कठिन और महत्वपूर्ण स्टेप होता हैं –

इस परीक्षा का दूसरा पड़ाव होता है मुख्य परीक्षा –

इसी के आधार पर अंतिम चयन सुनिश्चित होता है और देखा जाये तो मुख्य परीक्षा के अर्जित अंको से ही आपकी  वरीयता लगभग निर्धारित होती हैं और आपका चयन आई०ए०एस०, आई०पी०एस०, आई०एफ०एस० तथा अन्य केन्द्रीय सेवाओं में होता हैं। अतः इस सन्दर्भ में मुख्य परीक्षा में सफल होने के लिये कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुओ की चर्चा इस आर्टिकल में करने जा रहा हू आशा करता हू यह आपके लिये उपयोगी सिद्ध होगा –

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1. पाठ्यक्रम की समझ


सिविल सेवा परीक्षा का यह दूसरा चरण अत्यधिक महत्वपूर्ण होता है, और यहीं पर प्रतिभागियों के ज्ञान का वास्तविक परीक्षण होता है । इसमें प्रश्न पत्र तीन प्रकार के होते है – जिसमे पहला Qualifying नेचर का होता हैं (जिसमे 2 पेपर होते हैं हिंदी और अग्रेजी) तो दूसरा सामान्य अध्ययन  का होता हैं जिसके तहत 4 पेपर होते हैं और तीसरा प्रकार होता हैं वैकल्पिक विषय का जिसमे 2 पेपर होते हैं और 1 पेपर निवंध का होता हैं , इस प्रकार कुल 9 (नौ) प्रश्न पत्र होते हैं । पूर्व में होने वाले सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र जो कि 600 अंकों का होता था, वह अब 1000 अंकों का होता है। पहले वैकल्पिक विषयों में से किन्हीं दो का चुनाव करना होता था, जो कि कुल 1200 अंकों के होते थे, किन्तु वर्तमान में अभ्यार्थियों को सिर्फ एक ही वैकल्पिक विषय चुना जाना है जो कि कुल 500 अंकों का होता है।

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अगर अंको का विवरण देखा जाये तो –

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                 अतः अंको का कुल योग – सामान्य अध्ययन – 4 * 250 = 1000 + वैकल्पिक विषय – 2* 250 = 500 + निवंध -250 = 1750 होता है-

अतः अब हम एक एक विषय के बारे में विस्तृत चर्चा करेगे –

Qualifying पेपर


  • यह पेपर सिविल सेवा परीक्षा का पहला अनिवार्य पेपर है जो भारतीय / क्षेत्रीय भाषा का प्रश्न पत्र होता है। यह प्रश्न पत्र भारत के कुछ राज्यों को छोड़कर (मिज़ोरम, मेघालय, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और नागालैंड के उत्तर-पूर्व राज्यों के उम्मीदवारों को छोड़कर) सभी के लिये अनिवार्य होता हैं । इसमें अभ्यर्थी को भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची के तहत किसी भी भाषा को लेने की छुट होती हैं ।
  • अनिवार्य पेपर की कड़ी में दूसरा पेपर अग्रेजी का होता हैं –

जैसा कि ऊपर वर्णित किया गया हैं कि दोनों प्रश्न पत्र भाषा से सम्बंधित हैं अतः दोनों को तैयार करने की अप्रोच लगभग संमान होगी –

यह पेपर परीक्षा में अंतिम रैंकिंग के लिये भले ही महत्वपूर्ण न हो परन्तु सामान्य अध्ययन का मूल्यांकन इन्ही के आधार पर होता हैं यदि आप इस प्रश्न पत्र में आवश्यक न्यूनतम अंक: 30% (90/300 अंक) नहीं प्राप्त करते तो आपके सामान्य अध्ययन का मूल्यांकन नहीं किया जायेगा – अतः इसकी तैयारी भी अन्य पेपर के जैसे करना होता है , क्योकि यदि आपने बहुत अच्छी तैयारी की हैं और आप इस पेपर में फेल हो जाते हो तो आप की तैयारी का कोई फायदा आपको उस वर्ष नहीं मिल पायेगा –

UPSC Qualifying पेपर को कैसे तैयार करे –

इन दोनों प्रश्न पत्रों का डोमेन लगभग सामान होता हैं

जिसमे हिंदी में –

  1. निबंध – 2 निबंध – प्रत्येक निबंध के लिये 50 अंक निर्धारित होंगे )= 100 अंक
  2. गद्यांश: 60 अंक – जिसमे 12 गद्यांश 5-5 अंकों के होते हैं ) = 60 अंक
  3. संक्षेपण (सटीक लेखन) = 60 अंक
  4. अनुवाद: अंग्रेजी से हिंदी = 20 अंक
  5. अनुवाद: हिंदी से अंग्रेजी = 20 अंक
  6. मुहावरे = 10 अंक
  7. वाक्य शुद्धि = 10 अंक
  8. पर्यायवाची =10 अंक
  9. युग्म – 10 अंक

और इस प्रकार कुल अंक = 300 होता हैं

और अग्रेजी में  Comprehension , Precis Writing , Usage and Vocabulary , Short Essay से प्रश्न पूछे जाते हैं –

सामान्य अध्ययन


सामान्य अध्ययन-I- (भारतीय विरासत और संस्कृति, विश्व का इतिहास एवं भूगोल और समाज)

इस प्रश्न पत्र को तैयार करने के लिये आवश्यक सामग्री –

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  • कला और संस्कृति- नितिन सिंघानिया , सीसीईआरटी और एनसीईआरटी की पुस्तके ,  क्लास notes ,
  • इतिहास- एनसीईआरटी और स्पेक्ट्रम
  • Ancient History- आरएस शर्मा (पुरानी एनसीईआरटी) का ‘प्राचीन भारत (एंसीएंट इंडिया– Ancient India)
  • भारतीय समाज- पत्रिका और एनसीईआरटी की पुस्तके क्लास notes और कोचिंग प्रिंटेड मटेरियल
  • भूगोल- एनसीईआरटी (11वीं कक्षा और 12वीं कक्षा), खुल्लर की पुस्तक और अन्य मानक पुस्तके
  • विश्व का इतिहास – अर्जुन देव की पुस्तक

कार्यक्रम की विशेषता

सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के इस प्रोग्राम में  द्वितीय प्रश्नपत्र के अंतर्गत आने वाले शासन व्यवस्था, संविधान, शासन प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध आदि विषयों को विस्तार से पढाया जायेगा ।

यदि इस प्रश्नपत्र में शामिल विषयों की विषयवस्तु का विश्लेषण करें तो एक सामान्य बात यह सामने आती है कि अंतर्राष्ट्रीय संबंध वाले खंड के अलावा अन्य विषय शासन-प्रशासन और सामाजिक परिप्रेक्ष्य के व्यापक आयाम को समाहित किये हुए हैं। अगर इन विषयों/खंडों की तैयारी सुनियोजित ढंग से की जाए तो इस प्रश्नपत्र में आसानी से बेहतर अंक अर्जित किये जा सकते हैं।

सामान्य अध्ययन- II- (शासन व्यवस्था, शासन प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध)

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  • अंतर्राष्ट्रीय संबंध- न्यूज़ पेपर
  • सामाजिक न्याय- Ncert और क्लास notes
  • शासन व्यवस्था और शासन प्रणाली- लक्ष्मीकांत

 सामान्य अध्ययन- III- (प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव-विविधता, पर्यावरण सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन)

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  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी (Science & Technology) – उपेन्द्र अनमोल सर की बुक , अख़बारों और साइंस रिपोर्टर जैसी कुछ पत्रिका , क्लास notes
  • आर्थिक विकास (Economic Development): रमेश सिंह , मृणाल पटेल की विडियो , क्लास notes , न्यूज़ पेपर आर्थिक सर्वेक्षण, ईपीडब्लू (EPW), इकोनामि टाइम्स के संपादकीय और  एनसीईआरटी की पुस्तकें
  • पर्यावरण और जैव विविधता (Bio-diversity, Environment): इंडिया ईयरबुक, एमओईएफ की आधिकारिक वेबसाइट और जैव विविधता से जुड़ी पुस्तकें, अख़बार, योजना और कुरुक्षेत्र, एनआईओएस (NIOS), इग्नू सामग्री (IGNOU Material) , शंकर आईएस बुक
  • सुरक्षा और आपदा प्रबंधन (Security and Disaster Management): एआरसी रिपोर्ट (ARC Report), आईडीएसए (IDSA), और विकीपीडिया , क्लास notes , प्रिंटेड मटेरियल

सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के सामान्य सामान्य अध्ययन iii के तहत  प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव-विविधता, पर्यावरण सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन आता हैं । इनमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी-विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ, देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरूकता शामिल हैं।

 सामान्य अध्ययन- IV- (नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा और अभिरुचि)

नैतिकता, ईमानदारी और योग्यता (Ethics, Integrity, and Aptitude): क्लास notes और महत्वपूर्ण बुक –

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2. पाठ्य पुस्तक की संक्षिप लिस्ट


Ancient History

आरएस शर्मा (पुरानी एनसीईआरटी)

क्लास notes

सेल्फ मेड नोट

World Geography

(एनसीईआरटी- 6 से 12 )

विश्व भूगोल के लिये ( पुरानी 6/7/8) एनसीईआरटी

G. c. LEAUNG बुक

क्लास notes

प्रिंटेड / सेल्फ नोट

Medieval History

सतीश चंद्र (पुरानी एनसीईआरटी)

सेल्फ एंड क्लास notes

Economy

भारत लोग और अर्थव्यवस्था (एनसीईआरटी)

उपेन्द्र अनमोल सर की बुक

रमेश सिंह की भारतीय अर्थव्यवस्था

कोचिंग बुक

क्लास notes

सेल्फ नोट

मृणाल विडियो

Modern History

स्पेक्ट्रम पब्लिकेशन के ‘A brief history of modern India’ के साथ– साथ सुजाता मेनन की ‘Concise history of modern India’

Polity

लक्ष्मीकांत की भारतीय राजनीति

डीडी बसु की भारत के संविधान का परिचय

Indian Culture

स्पेक्ट्रम पब्लिकेशन की ‘facets of Indian culture’

नितिन सिंघानिया द्वारा कला और संस्कृति

सांस्कृतिक संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र की वेबसाइट

Current Affairs

द हिंदू, इंडियन एक्सप्रेस

पीआईबी

ऑनलाइन सोर्सेज

Physical Geography

सविन्दर सिंह

Science & Tech

शंकर आईएएस के नोट्स

इसरो की वेबसाइट

उपेन्द्र अनमोल सर बुक

Indian Geography

भारत: भौतिक पर्यावरण (एनसीईआरटी)

Environment & Ecology

समाचार पत्रों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन पर हालिया घटनाएं

एनआईओएस अध्ययन सामग्री

 3.अध्ययन में अनुशासन


UPSC की सम्पूर्ण सफलता का राज आपके अनुशासित होने में निहित है- मै अनुशासन को आदर्श छात्र होने से जोडकर नहीं देखता हूँ । परन्तु इस तैयारी में आपको कुछ नियमो को अपनाएं रखने की परम अवश्यकता हैं, जो आपके रास्ते को आसन कर देगी –

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4. उत्तर – लेखन का अभ्यास


मुख्य (Main Exam) परीक्षा के लिये उत्तर लेखन

इस परीक्षा में सफलता के लिये केवल एक प्रभावशाली और सुव्यवस्थित उत्तर की ही नहीं बल्कि समय प्रवंधन और पुरे पेपर को हल करना और सबकी समय सीमा को ध्यान में रखना हैं – इस क्षेत्र में दो चीजे महत्वपूर्ण होती है

  1. प्रति दिन उत्तर लेखन के अभ्यास न होना
  2. उत्तर लेखन की सही शैली की जानकारी न होना
  3. उचित मार्गदर्शन की कमी
  4. और आपके अंदर का डर
  5. बार – २ प्रारंभिक परीक्षा में फेल होना

उपरोक्त सभी प्रश्नों का केवल एक ही उत्तर है कि आप उस संस्थान का चयन करे जहा पर उत्तर लेखन पर विशेष जोर दिया जाता हो – साथ ही साथ उनके पढ़ने की जो अप्रोच हो वह भी इंटीग्रेटेड हो ( मतलब की प्री + mains दोनों को एक साथ में लेकर चलते हो

दूसरा मुद्दा है कि किस प्रकार लिखा जाये –

बिंदुओं व पैराग्राफ में लिखें

परिचय (Introduction)

शीर्षक व भूमिका (Headings – हेडिंग्स)

शीर्षकों, उप-शीर्षकों, महत्वपूर्ण बिंदुओं व व्यक्तिगत विषलेशण (यदि आवश्यक है तो) पर आधारित उत्तर आपको इस परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद करेंगे।

रेखाचित्रों का प्रयोग: आरेख/चित्र (Diagrams) प्रश्नों के उत्तर के लिये आरेखों का बहुत महत्त्व  होता है, जैसे कि भूगोल या अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के लिए भारत और विश्व के मानचित्र इत्यादि। इसके अलावा एनसीईआरटी किताबों से जिओग्राफी के लिए चित्र तैयार किए जाने का अभ्यास करें। भूगोल के पेपर -1 में कई प्रकार के भौगोलिक विषयों पर प्रश्न आते हैं और आरेख इत्यादि के माध्यम से आप एक अच्छा उत्तर बना सकते हैं।

प्रवाह तालिका/फ़्लोचार्ट (Flowchart): मुख्य परीक्षा सामान्य अध्ययन पेपर – 3 (प्रौद्यौगिकी, आर्थिक विकास, जैव-विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन) के लिये फ़्लोचार्ट इत्यादि का उपयोग किया जाता है।

परीक्षा में समय प्रबंधन का महत्व

  • आवश्यक टिप्स: परीक्षा देते समय सबसे पहले 2 से 3 मिनट के समय में प्रश्नपत्र पर एक नजर डालें और उन प्रश्नों का चयन करें जो आपको सरल लगें।
  • पहले चरण में तकरीबन 10 प्रश्न या अधिक चुनें, ) और उन्हें पहले प्रयास मे हल करें।
  • दूसरे चरण में उन प्रश्नों के लिए प्रयास करें जिनके उत्तर समझने के लिये आपको थोड़ा समय और अनुमान की आवश्यकता हो। जीएस का एथिक्स पेपर आमतौर पर बहुत लंबा होता है और कई अभ्यर्थी इसे समय के भीतर हल करने में सक्षम नहीं हो पाते हैं। अच्छे अंक और रैंक प्राप्त करने के लिये आपको अधिक से अधिक परीक्षण और समय सीमा के साथ अभ्यास करके अपनी गति में सुधार करना होगा।

 

5. सही मार्गदर्शन


जैसा की पहले ही चर्चा की गई है कि उचित मार्गदर्शन के बिना उत्तर लेखन की कला विकसित की जा सकती हैं –

आपको परीक्षा के पाठ्यक्रम की सही जानकारी देने वाले अनुभवी लोगो का मार्गदर्शन अवश्यक है इसके तहत शिक्षक या सफल विद्यार्थी हो सकते हैं।

अभ्यर्थी को पाठ्यक्रम के आधार पर ही पुस्तकों का अध्ययन करना हैं सम्पूर्ण परीक्षा का आधार पाठ्यक्रम ही हैं और आपको उसी आधार पर अध्ययन करना हैं

द हिन्दू अखबार को सही से रोजाना पढ़े व सरकारी योजनाओं के बारे में अधिक से अधिक जानकारी जुटाने की कोशिश करे-

6. उत्तरलेखन का स्वमूल्यांकन


यूपीएससी की परीक्षा में उत्तर लेखन का महत्व बहुत अधिक हैं , क्योंकि अक्सर यह देखा जाता है कि हम पूरे सिलेबस को पूरा पढ़ तो लेते हैं परंतु उत्तर लेखन की कला विकसित नहीं हो पाती हैं  इस दिशा में हमको दो तरीकों का इस्तेमाल करना चाहिए जिससे की प्रभावी उत्तर लेखन किया जा सके –

क्योंकि सिविल सेवा परीक्षा में आपकी मेहनत और सफलता के बीच कोई सीधा सम्बन्ध नहीं हैं। मतलब आपकी सफलता केवल और केवल अधिक मेहनत पर ही निर्भर नहीं होती हैं इसके लिये कई कारक है जो आपकी सफलता सुनिश्चित करते हैं। जिसमे उत्तर लेखन और स्मार्ट स्ट्रेटेजी दोनों आवश्यक और महत्वपूर्ण हैं । उत्तर लेखन का विकास निरंतर प्रक्रिया हैं और यह केवल और केवल अभ्यास से ही आ सकती हैं जिसके लिये अभ्यर्थियों को अपने विषय में बहुत व्यापक और गहरी समझ को विकषित करने की जरूरत होती हैं।

और इस उद्देश्य  को प्राप्त करने के लिये उम्मीदवारों को  पहले ही दिन से इस दिशा में कार्य प्रारंभ कर देना चाहिए , या अगर उम्मीदवारों किसी कोचिंग संस्थान में है तो वहा उत्तर-लेखन शैली के विकास पर कार्य होना चाहिए –

उत्तर लेखन को 6 भागो में विभाजित करके लिखा जा सकता है और इसी के आधार पर स्वमूल्यांकन भी किया जा सकता है क्योंकि हम जानते है परीक्षक केवल इन्ही विन्दुओ पर ध्यान देता हैं क्योकि उसके पास आपकी केवल उतर पुस्तिका होती हैं –

7. टेस्ट टू टेक्स्ट टू टेस्ट स्ट्रेटेजी


Test 

सबसे पहले जिस भी विषय का अध्ययन करे उसके previous year question को हल करे , जिससे आपको उसके महत्वपूर्ण भाग का पता चल सके

इसके लिये आप प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा के प्रश्नों का अध्ययन कर सकते है

उसके important बिन्दु का notes बना ले और फिर आप अपना पाठ्यक्रम पढना प्रारंभ करे –

Text

टेस्ट करने के बाद का आप पुस्तक को कम से कम दो बार पढ़े , क्योंकि 1 बार जब आप पुस्तक का अध्ययन करते हैं तो आपको केवल उसके बारे में सामान्य जानकारी प्राप्त होती हैं

दुसरे अध्ययन में आप की समझ विकसित होने लगती हैं

तीसरे राउंड में आप उसकी notes बना सकते हैं

Test 

दूसरा राउंड समाप्त करने के बाद आप पुनः previous year question को हल करे और टेस्ट सीरीज के क्वेश्चन को हल करे –

 

                         मै आशा करता हूँ कि यह आपके लिये सहायक सिद्ध होगा

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